Poems / कविताए

तू भी खुश, में भी खुश और दुनिया भी खुश.

लिखने का और बातें करने का बहुत मनं होता है,

पर शराब अपनी आगोश में बुलाती है और कहती हे की

क्यों अपने दिल की बात बता के अपनी ही कमजोरी बयां करता हे?
जो लोग तेरी ही करजोरी का फायदा लेके तुम्हे ही बदनाम करते हे,
उस से बेहतर हे की आ मेरी बाँहों में और खोजा अपने ख्वाबो में,
तू भी खुश, में भी खुश और दुनिया भी खुश.
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