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Day: December 26, 2019

गुफ़्तगू

उसने कहा- बेवजह ही खुश हो क्यों? मैंने कहा- हर वक्त दुखी भी क्यों रहूँ? उसने कहा- जीवन में बहुत गम हैं। मैंने कहा -गौर से देख, खुशियां भी कहाँ कम हैं? उसने तंज़ किया – ज्यादा हँस मत, नज़र लग जाएगी। मेरा ठहाका बोला- हंसमुख हूँ, फिसल […]

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