Advertisements

Author Archives

चेतन ठकरार

वैसे तो अभी तक ऐसी कोई सफलता मैंने हासिल नहीं की है, जो में सबको बताता फिरू। फिरभी , कुछ अल्फ़ाज़ में कहुँ तो में प्यारे देश हिन्दुस्तान में गुजरात राज्यमे राजकोट शहर में रहता हु। मुझे पढ़ने का और फिल्मे देखनेका शोख बहुत है, इसकी वजह से मुझे लिख़ने का शोख भी है, यहाँ में अपनी कुछ कविता , शायरी और कहानियाँ हिन्दी और ગુજરાતી में पोस्ट करता हु और कुछ दूसरे लेखक और शायर की रचनाए भी पोस्ट करता हु (बाकायदा उसकी इजाजत के साथ ) उम्मीद है की ये सब आप लोगोको पसंद आएगी और अपने दोस्तों में शेयर करेंगे।

अगर आपको मेरी कोई पोस्ट पे सवाल या दिक्कत हो तो आप मुझे मेरे मोबाइल +919558767835 पर कॉन्टैक्ट कर सकते है।

गज़ब का संदेश

किसी समय दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी न पूछा – ‘क्या इस धरती पर आपसे भी अमीर कोई है ? बिल गेट्स ने जवाब दिया – हां, एक व्यक्ति इस दुनिया में मुझसे भी अमीर है. कौन —!!!!! बिल गेट्स ने बताया – एक […]

Advertisements

अहंकार

महाकवि कालिदास अपने समय के महान विद्वान थे। उनके कंठ में साक्षात सरस्वती का वास था। शास्त्रार्थ में उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था। अपार यश, प्रतिष्ठा और सम्मान पाकर एक बार कालिदास को अपनी विद्वत्ता का घमंड हो गया। उन्हें लगा कि उन्होंने विश्व का सारा […]

महामृत्युंजय मंत्र की रचना कैसे हुई?

शिवजी के अनन्य भक्त मृकण्डु ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे । विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था । मृकण्डु ऋषि ने सोचा कि महादेव संसार के सारे विधान बदल सकते हैं । इसलिए क्यों न भोलेनाथ को प्रसन्नकर यह विधान बदलवाया जाए । मृकण्डु […]

विष्णु जी और लक्ष्मीजी संवाद

लक्ष्मी जी : सारा संसार पैसे (मेरे) से चल रहा है, अगर मैं नहीं तो कुछ नहीं ……. विष्णु जी (मुस्कुरा के) : सिद्ध करके दिखाओ . लक्ष्मी जी ने पृथ्वी पर एक शवयात्रा का दृश्य दिखया – जिसमे लोग शव पर पैसा फेंक रहे थे, कुछ लोग उस […]

भाग्य से ज्यादा  और… समय से पहले न किसी को कुछ मिला है और न मीलेगा!

एक सेठ जी थे – जिनके पास काफी दौलत थी. सेठ जी ने अपनी बेटी की शादी एक बड़े घर में की थी. परन्तु बेटी के भाग्य में सुख न होने के कारण उसका पति जुआरी, शराबी निकल गया. जिससे सब धन समाप्त हो गया. बेटी की यह हालत देखकर […]

कैंची और सुई

एक दिन किसी कारण से स्कूल में छुट्टी की घोषणा होने के कारण,एक दर्जी का बेटा, अपने पापा की दुकान पर चला गया । वहाँ जाकर वह बड़े ध्यान से अपने पापा को काम करते हुए देखने लगा । उसने देखा कि उसके पापा कैंची से कपड़े को […]

बाकी सब ठीक है !

थोड़ी तकलीफ़ , थोड़ा गम, थोड़ी परेशानियाँ हैं ! बाकी सब ठीक है !! चंद मुश्किलें, कुछ उलझनें, थोड़ी बे-चैनियाँ हैं ! बाकी सब ठीक है !! कभी रुक सी जाती है धड़कन, यह साँसें अटक सी जाती हैं, कुछ उम्र की थकावट , कुछ बीमारियाँ है ! […]

शेर को चुनौती

एक गधे ने एक शेर को चुनौती दे दी कि मुझसे लड़ कर दिखा तो जंगल वाले तुझे राजा मान लेंगे | लेकिन शेर ने गधे की बात को अनसुना कर के चुपचाप वहाँ से निकल लिया | एक लोमड़ी ने छुप कर ये सब देखा और सुना […]

मैं पैसा हूँ…..

मैं पैसा हूँ….. एक निर्जीव वस्तु….. आप मेरी तरफ देखो तो मैं आपकी तरफ देखता भी नहीं……..फिर भी आपके पास हूँ तो सब आपको देखते हैं………। आप मुझसे बात करो तो मैं आपसे बात भी नहीं करता……. मगर मैं आपके पास हूँ तो सब आपके साथ बात करते […]

12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा, 

“” भगवान शिव की भक्ति का महीना सावन शुरू हो चुका है। शिवमहापुराण के अनुसार एकमात्र भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं, जो निष्कल व सकल दोनों हैं। यही कारण है कि एकमात्र शिव का पूजन लिंग व मूर्ति दोनों रूपों में किया जाता है। भारत में 12 […]

लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते ..!

कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया, एक सिपाही एक कुत्ते को बांध कर लाया. सिपाही ने जब कटघरे में आकर कुत्ता खोला, कुत्ता रहा चुपचाप, मुँह से कुछ ना बोला..! नुकीले दांतों में कुछ खून-सा नज़र आ रहा था, चुपचाप था कुत्ता, किसी से ना नजर मिला रहा […]

Shayri Part 38

नादान आईने को क्या खबर, कि, एक चेहरा, चेहरे के अन्दर भी होता है…। ******* बदल दिए हैं हमने….अब नाराज होने के तरीके रूठने की बजाय..बस हल्के से मुस्कुरा देते हैं…। ******* भिड मे जिने की आदत नही मुजे थोडे मे जिना सिख लिया है मेने….. चन्द दोस्त […]

जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है….

एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है, भगवान आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे. एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति बनकर खड़ा हो जाता हूं, आप मेरा रूप धारण कर घूम आओ. भगवान मान जाते हैं, लेकिन शर्त रखते हैं कि जो भी लोग […]

Shayri Part 37

तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहा कर दो,… फिर तुम्हें शायद कोई हम सा बेज़ुबाँ मिले ना मिले… ******* ये कश्मकश है ज़िंदगी की…कि कैसे बसर करें …… चादर बड़ी करें या …ख़्वाहिशे दफ़न करे….. ******* उनका इल्ज़ाम लगाने का अन्दाज़ इतना गज़ब था….. कि हमने खुद अपने ही […]

प्रभु की लीला

एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले तो उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भिक्षा मागते देखा अर्जुन को उस पर दया आ गयी और उन्होंने उस ब्राहमण को स्वर्ण मुद्राओ से भरी एक पोटली दे दी। जिसे पाकर ब्राहमण ख़ुशी ख़ुशी घर लौट चला। […]

ख़ुशी

एक बार पचास लोगों का ग्रुप किसी सेमीनार में हिस्सा ले रहा था। सेमीनार शुरू हुए अभी कुछ ही मिनट बीते थे कि स्पीकर अचानक ही रुका और सभी पार्टिसिपेंट्स को गुब्बारे देते हुए बोला , ” आप सभी को गुब्बारे पर इस मार्कर से अपना नाम लिखना […]

गिद्ध

एक गिद्ध का बच्चा अपने माता-पिता के साथ रहता था। एक दिन गिद्ध का बच्चा अपने पिता से बोला- “पिताजी, मुझे भूख लगी है।” “ठीक है, तू थोड़ी देर प्रतीक्षा कर। मैं अभी भोजन लेकर आता हूूं।” कहते हुए गिद्ध उड़ने को उद्धत होने लगा। तभी उसके बच्चे […]

કાયર

“હેલ્લો…” “હા કોણ ? આ ફોન તો નિર્માણ નો છે, તમારી પાસે કઈ રીતે આવ્યો? નિર્માણ ક્યાં છે?” “ધીરે મેડમ, તમારાં  સવાલોના જવાબ આપવા ફોન કર્યો છે તમને, આ ફોન જેમનો છે એનો અકસ્માત થયો છે અને લાસ્ટ ડાયલ માં તમારો નંબર હતો એટલે તમને ફોન કર્યો, તમે […]

સહકાર થી સફળતા સુધી

“ભાઉ, શું છોકરી તરીકે જન્મ લેવો એ ગુનો છે?” “શું થયું? કેમ આજે આમ પૂછે છે?” “જ્યારથી સમજણી થઈ ત્યારથી જોતી આવું છું, પણ કોઈને કહેવાની હિમ્મત નથી ચાલતી. પણ જ્યારથી તમારી સાથે પરિચય થયો, ત્યારથી એક ભાઈની કમી જે વર્ષોથી હતી એ પુરી થઈ હોઈ એવું લાગે […]

મેઘ-મલય

“કેમ ગ્રુપ લેફ્ટ કર્યું ?” ” ઓહ હાઈ, જય શ્રી કૃષ્ણ, બસ એમ જ.” “જય શ્રી કૃષ્ણ, એમ જ ના હોઈ, આટલા વર્ષો પછી સોશિયલ મીડિયા ને લીધે બધા એકજ જગ્યા પર  ભેગા થઇ શકયા અને તું આમ લેફ્ટ થા એ મગજ માં નથી બેસતું ” “સોરી, પણ […]

‘એપ્રિલ ફૂલ’

મારા મિત્ર વિષ્ણુ ની એક ધમાકેદાર એપ્રિલફૂલ વાર્તા. *વ્હોટ્સ અપની વાર્તા – ૪૧* *લેખક : ડો વિષ્ણુ એમ. પ્રજાપતિ* *‘એપ્રિલ ફૂલ’* ‘કેમ શું વિચારો છો.. રાતના બાર થવા આવ્યા… ઉંઘ નથી આવતી…?’ રમાએ પોતાના પતિ મનોહર તરફ પડખું ફેરવતાં કહ્યું. ‘તને કેવી રીતે ખબર પડી કે હું જાગું […]

મમ્મી એપ્રિલ ફૂલ બનાવતી હોય છે-ડૉ. નિમિત ઓઝા 

કેસેરોલમાં રહેલી છેલ્લી રોટલી આપણને આપીને, ‘મને તો જરાય ભૂખ જ નથી’ એવું જ્યારે કહેતી હોય છે ત્યારે મમ્મી એપ્રિલ ફૂલ બનાવતી હોય છે. રોજ સવારે મંદિરમાં પ્રાર્થના કરતી વખતે, ‘મારે કશું જ જોઈતું નથી’ એવું જ્યારે ઈશ્વરને કહેતી હોય છે ત્યારે મમ્મી એપ્રિલ ફૂલ બનાવતી હોય છે. […]

પ્રતિજ્ઞા

ગામડા ની સ્કુલ મા થી એક ગરીબ ઘર નુ બાળક દોડતુ આવી ને એની મા ને વળગી પડયુ…અને કાલી કાલી ભાષામાં બોલ્યું..”માં આજ મારા સા’બે મને કીધું..આજ મારો જન્મદિવસ છે” ગરીબ માં એ બાળક ના માથે હેતભર્યો હાથ ફેરવ્યો..મન મા કાંઈક નિર્ણય કર્યો ને મમતાળું હસી ને ફરી કામે વળગી..બપોર પછી બાળક સ્કુલે […]